विजयदशमी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामायण और महाभारत के खल पात्रों की तुलना करते हुए कहा कि समाज में ऐसी ताकतें आज भी मौजूद हैं। जानें उनके संदेश और सनातन धर्म की एकता की शक्ति के बारे में।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गोरक्षपीठाधीश्वर ने विजयदशमी के अवसर पर गोरखपुर के आर्यनगर स्थित मानसरोवर रामलीला मैदान में आयोजित प्रभु श्रीराम के राजतिलक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि रामायण और महाभारत के खल पात्र आज भी समाज में मौजूद हैं, हालांकि उनका रूप और नाम बदल चुका है।
समाज को बांटने वाली शक्तियां हर युग में रही हैं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा, “हर युग में समाज को तोड़ने और जाति, धर्म, छुआछूत जैसे मुद्दों पर समाज को बांटने वाली ताकतें हमेशा मौजूद रही हैं। आज जिन लोगों द्वारा जातीय विद्वेष फैलाया जाता है, वे कभी ताड़का, मारीच और शूर्पणखा के रूप में रहे होंगे।”
also read: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में किया…
उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग आज बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं, वे महाभारत के दुर्योधन और दुशासन जैसे खल पात्रों की प्रवृत्ति का प्रतीक हैं।
समाज को सतर्क और सजग रहने की आवश्यकता
योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी देते हुए कहा कि समाज को ऐसे खल पात्रों से सतर्क और सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों का प्रभाव केवल समाज को नहीं, बल्कि देश की एकता और अखंडता को भी प्रभावित कर सकता है।
सनातन धर्म की एकता: विघटनकारी ताकतों का अंत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म की एकता और संगठन की शक्ति के सामने इन विघटनकारी ताकतों का अंत निश्चित है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए श्रीराम के आदर्शों को अपनाने की अपील की।
योगी ने अंत में कहा कि सनातन धर्म के मूल्यों और सिद्धांतों पर आधारित जीवन जीने से समाज में एकता और भाईचारे का संदेश मिलेगा और ये विघटनकारी ताकतों का सामना करने का सबसे प्रभावी तरीका होगा।