मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ढोल-नगाड़ों के साथ जनजाति भागीदारी उत्सव का शुभारंभ, जनजाति समुदाय के कल्याण पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ढोल-नगाड़ों के साथ जनजाति भागीदारी उत्सव का शुभारंभ, जनजाति समुदाय के कल्याण पर जोर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में जनजाति भागीदारी उत्सव का शुभारंभ किया, जिसमें 22 राज्यों के कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित जनजाति भागीदारी उत्सव का शुभारंभ किया, जिसमें ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक संगीत की धुन पर इस आयोजन की शुरुआत हुई। सीएम योगी ने इस अवसर पर जनजाति संस्कृति और धरोहर को मनाने के महत्व को बताया, और कहा कि यह उत्सव 22 राज्यों के कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने का एक अनोखा मंच प्रदान कर रहा है। अरुणाचल प्रदेश इस सांस्कृतिक आयोजन का पार्टनर राज्य है, जिसका उद्देश्य जनजातीय कला, संस्कृति और समुदाय के विकास को बढ़ावा देना है।

इस अवसर पर सीएम योगी ने धरती आबा बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। बिरसा मुंडा के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को भी याद किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर को जनजाति दिवस के रूप में मनाने की प्रेरणा दी, ताकि जनजाति समुदाय की राष्ट्र निर्माण में भूमिका को सम्मानित किया जा सके।

22 राज्यों के कलाकारों की भागीदारी

जनजाति भागीदारी उत्सव में गुजरात, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, कर्नाटका, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, मिजोरम, गोवा, केरल, पश्चिम बंगाल, असम, हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा, झारखंड, पंजाब सहित 22 राज्यों के कलाकारों ने भाग लिया। इस आयोजन में जनजाति हस्तशिल्प, व्यंजन, साहित्य और सांस्कृतिक प्रदर्शनी के साथ-साथ जनजाति समुदाय के योगदानों को भी प्रदर्शित किया गया।

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जनजाति समुदाय को मुख्यधारा में जोड़ने की दिशा में कदम

सीएम योगी ने बताया कि राज्य सरकार जनजाति समुदाय के सामाजिक और शैक्षिक समावेशन के लिए लगातार प्रयास कर रही है। हाल ही में 60,244 पुलिस भर्ती में अनुसूचित जनजाति के युवाओं को रोजगार दिया गया, जो दर्शाता है कि उनकी शिक्षा और सामाजिक भागीदारी में वृद्धि हुई है।

जनजाति समुदाय के लिए कल्याणकारी योजनाएँ

सीएम योगी ने जनजातियों के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला। जनजाति विकास मिशन के तहत उत्तर प्रदेश में थारू, मुसहर, चेरो, बुक्सा, सहरिया, कोल, गौड़ जैसी जनजातियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया है। इनमें कनेक्टिविटी, पेयजल, बिजली, पेंशन, राशन कार्ड और आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं शामिल हैं।

जनजाति गांवों का उन्नयन और बुनियादी ढांचे का विकास

जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत उत्तर प्रदेश के 26 जिलों के 517 जनजातीय बहुल गांवों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। इनमें बेहतर कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवाएं, और वित्तीय योजनाएं जैसे पीएम जन धन योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम उज्जवला योजना आदि का लाभ दिया जा रहा है।

जनजाति छात्रों के लिए शिक्षा और छात्रवृत्तियाँ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि राज्य सरकार ने अब तक 1.5 लाख जनजाति छात्रों को छात्रवृत्तियाँ और शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं से लाभान्वित किया है। इसके अलावा, लखीमपुर खीरी, बलरामपुर, बहराइच, महराजगंज, श्रावस्ती और बिजनौर में 9 आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित हैं। जनजाति छात्रों को एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों, छात्रावासों और शैक्षिक सहायता के माध्यम से शिक्षा दी जा रही है।

वनाधिकार अधिनियम और भूमि अधिकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार ने 13 जनपदों में वनाधिकार अधिनियम लागू किया है, जिसके तहत 23,430 से अधिक जनजातीय परिवारों को भूमि अधिकार प्रदान किए गए हैं। इससे जनजातियों को भूमि मालिकाना हक मिला है, जो उनके जीवन यापन और आर्थिक विकास के लिए अहम कदम है।

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