मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान: कांग्रेस ने जबरन लागू की थी धारा 370, पीएम मोदी ने किया ‘एक राष्ट्र, एक विधान’ का सपना साकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान: कांग्रेस ने जबरन लागू की थी धारा 370, पीएम मोदी ने किया 'एक राष्ट्र, एक विधान' का सपना साकार

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस ने धारा 370 जबरन लागू की थी, जिसे PM मोदी ने खत्म कर ‘एक देश, एक विधान’ का सपना साकार किया। पढ़ें पूरी खबर।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार, 9 सितंबर को बस्ती जिले में सरस्वती विद्या मंदिर के भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान एक अहम बयान देते हुए कहा कि कश्मीर में धारा 370 कांग्रेस द्वारा जबरन लागू की गई थी, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “एक देश, एक विधान, एक निशान, एक प्रधान” की अवधारणा को साकार किया।

सीएम योगी ने कहा कि देश की विरासत और सांस्कृतिक परंपराओं पर गर्व करना हर भारतीय का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 में विकसित भारत के निर्माण के लिए 25 वर्षों की रूपरेखा पेश की थी, जिसमें ‘पंच प्रण’ को जीवन का हिस्सा बनाने की बात कही गई थी।

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क्या कहा मुख्यमंत्री योगी ने धारा 370 और कश्मीर को लेकर?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा: “1952 में कांग्रेस ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की इच्छा के खिलाफ जाकर कश्मीर में धारा 370 लागू की थी। लेकिन 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे खत्म कर दिया और कश्मीर को पूरी तरह भारतीय संविधान के अंतर्गत ला दिया।” उन्होंने याद दिलाया कि 1953 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने “एक देश, दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का नारा दिया था और इसके लिए बलिदान भी दिया।

राम मंदिर, भारतीय संस्कृति और गौरव की बात

सीएम योगी ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा और विरासत पर हमें गर्व करना चाहिए। उन्होंने कहा: “500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर अयोध्या में बन रहा है। यह भारत के गौरव का प्रतीक है। विपक्ष को यह नामुमकिन लग रहा था, लेकिन यह राम भक्तों का संकल्प था जो आज साकार हो रहा है।”

महापुरुषों की विरासत पर मुख्यमंत्री योगी का संदेश

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें महर्षि वाल्मीकि, प्रभु श्रीराम, और श्रीकृष्ण जैसे महापुरुषों की परंपरा और उनकी विरासत पर गर्व है। उन्होंने कहा: “राम स्वयं धर्म के प्रतीक हैं — रामो विग्रहवान धर्म: यही भारत की आत्मा है। हमें उन सभी महापुरुषों का सम्मान करना चाहिए जिन्होंने भारत की आज़ादी और रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया।”

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