मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का एक्शन मोड, इंद्रलोक-प्रेमबाड़ी-सिंघलपुर पैदल घूमकर जानी जमीनी सच्चाई

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का एक्शन मोड, इंद्रलोक-प्रेमबाड़ी-सिंघलपुर पैदल घूमकर जानी जमीनी सच्चाई

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एक्शन मोड में नजर आईं। उनका पैदल दौरा इंद्रलोक, प्रेमबाड़ी और सिंघलपुर हुआ और साफ-सफाई, जलभराव और ट्रैफिक की समस्याओं पर लोगों की शिकायतें सुनीं। साथ ही अधिकारियों को समाधान के लिए निर्देश भी दिए गए।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आज राजधानी के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण दौरा करने निकलीं। इंद्रलोक से सिंघलपुर तक, वे विभिन्न क्षेत्रों में गए और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कई स्थानों पर पैदल चलकर निरीक्षण किया और जनता से सीधे बातचीत की। दौरे की शुरुआत सुबह इंद्रलोक से हुई, जहां मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जाम, पानी की निकासी और सड़क किनारे की गंदगी की जांच की। सांसद प्रवीण खंडेलवाल और उपराज्यपाल वीके सक्सेना भी इस दौरान उपस्थित थे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्थानीय लोगों से बात की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि समस्याओं को पहले हल करें।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता प्रेमबाड़ी पुल के पास नहर तक पहुंचीं। यह क्षेत्र अक्सर जलभराव की समस्या से जूझता है, जो आवाजाही को मुश्किल बनाता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों से पूछा कि अब तक क्या कार्रवाई हुई है और आगे कितने समय में काम पूरा होगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि लोगों को बार-बार परेशानी नहीं होनी चाहिए। सिंघलपुर लेबर चौक मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अगले स्थान पर था। जब वे वहां पहुंचे, उन्होंने आसपास का निरीक्षण किया। वे रिक्शा चालकों, ठेले वालों और राह चलते लोगों से बातचीत की। अधिकांश लोगों ने साफ-सफाई और ट्रैफिक की समस्याओं को बताया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को बताया कि हमारी सरकार जनता की है। हमें उनकी बात सुननी चाहिए और कार्रवाई करनी होगी।

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी बताया कि केवल कागजों में योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है; परिस्थितियां बदलने के लिए अधिकारी जमीन पर जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में वे अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के दौरे से प्रशासनिक अमले में हलचल हुई और जनता को लगता है कि सरकार अब उनकी समस्याओं पर सीधे ध्यान दे रही है।

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