मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मास्टर प्लान में तेजी, पीएम आवास योजना के ईडब्ल्यूएस आवासों का पुनः सत्यापन और शहरी विकास के लिए जल संरक्षण, वृक्षारोपण व अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में आयोजित आवास विभाग की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के विभिन्न शहरों के मास्टर प्लान के कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत ईडब्ल्यूएस (शहरी) आवासों का पुनः सत्यापन किया जाए, ताकि योजना का लाभ केवल पात्र और जरूरतमंद लोगों को ही मिल सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजना का गलत लाभ लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मास्टर प्लान के साथ-साथ शहरों की धारण क्षमता का भी सही आकलन किया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने नगर क्षेत्रों में जल संरक्षण और वृक्षारोपण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में निर्माण कार्य प्राधिकरणों द्वारा पारित नक्शों के अनुरूप ही हों और बिल्डिंग तथा सोसाइटी निर्माण में वाटर हार्वेस्टिंग एवं हरित क्षेत्र को प्राथमिकता दी जाए।
अतिक्रमण हटाने के लिए भी कड़े कदम उठाए जाएं और आवासों के नक्शे समय पर पास किए जाएं ताकि आमजन की सुविधाएं बाधित न हों। मुख्यमंत्री ने राज्य के दोनों मंडलों में नए शहरों के विकास को भी तेज करने और इन्हें स्पिरिचुअल जोन के साथ जोड़ने के निर्देश दिए।
आवासीय आवश्यकताओं के सही मूल्यांकन के लिए सभी वर्गों की आवास मांग और भविष्य की जरूरतों का आकलन कर ठोस योजना तैयार करने पर भी जोर दिया गया। साथ ही, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भूमि के समुचित उपयोग और पुनर्विकास के कार्य किए जाएं।
प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बैठक में बताया कि आवास विकास विभाग आठ प्रमुख गेम चेंजर योजनाओं पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि बढ़ती जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए राज्य के 191 स्थानों पर पार्किंग निर्माण कार्य चल रहे हैं, जिनमें मल्टीलेवल, टनल, सर्फेस और ऑटोमेटेड पार्किंग शामिल हैं।
बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद उपाध्यक्ष श्री विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीपीपीजी श्री मनोज पंत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।