धामी कैबिनेट के फैसले: उत्तराखंड में लागू होगी देवभूमि परिवार योजना, 12 प्रस्तावों पर मुहर

धामी कैबिनेट के फैसले: उत्तराखंड में लागू होगी देवभूमि परिवार योजना, 12 प्रस्तावों पर मुहर

उत्तराखंड कैबिनेट ने देवभूमि परिवार योजना, उपनल के माध्यम से विदेशों में नौकरी, आपदा पीड़ितों को 5 लाख की सहायता और कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 12 प्रस्तावों पर मुहर लगी।

उत्तराखंड राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज अपनी कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। बैठक में देवभूमि परिवार योजना को लागू करने का फैसला लिया गया, जिसके तहत राज्य में रह रहे परिवारों के लिए एक विशेष परिवार आईडी बनाई जाएगी। यह योजना उत्तराखंड के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जिससे प्रशासनिक और सरकारी योजनाओं का लाभ परिवारों तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुँच सकेगा।

इसके अलावा, बैठक में 12 अन्य प्रस्तावों पर भी मुहर लगी। इनमें से एक अहम निर्णय यह था कि उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम के कर्मचारियों के नियमितीकरण और उनके वेतन के मामलों को लेकर एक मंत्रिमंडल की उप समिति गठित की जाएगी, जो दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

उपनल से विदेशों में नौकरी की सुविधा:

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि उपनल के माध्यम से अब विदेशों में नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे। यह कदम राज्य के बेरोजगारों के लिए एक नया अवसर प्रदान करेगा। इसके अलावा, आपदा में मृतक आश्रितों को मिलने वाली आर्थिक सहायता को बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। पहले यह सहायता राशि 4 लाख रुपये थी।

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पक्का मकान ध्वस्त होने पर 5 लाख रुपये की सहायता:

उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं के कारण ध्वस्त होने वाले पक्के मकानों के लिए भी सहायता राशि बढ़ाई गई है। अब ऐसे पीड़ितों को 5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।

दैनिक, संविदा और तदर्थ कर्मचारियों के नियमितीकरण पर निर्णय:

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि दैनिक, संविदा और तदर्थ कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर एक उप समिति गठित की जाएगी, जो इन कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया और कट ऑफ डेट तय करेगी।

देवभूमि परिवार योजना के फायदे:

देवभूमि परिवार योजना के तहत राज्य में रह रहे सभी परिवारों की एक परिवार आईडी बनाई जाएगी, जिससे सभी परिवारों की जानकारी एकत्र की जाएगी और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ को सही तरीके से वितरित किया जा सकेगा। यह योजना प्रदेश में पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ावा देगी।

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