मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ब्रहमसरोवर व ज्योतिसर के जीर्णोद्वार और सौंदर्यकरण कार्य को मेला शुरू होने से पहले पूरा करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ब्रहमसरोवर व ज्योतिसर के जीर्णोद्वार और सौंदर्यकरण कार्य को मेला शुरू होने से पहले पूरा करने के दिए निर्देश

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ब्रहमसरोवर और ज्योतिसर के जीर्णोद्वार व सौंदर्यकरण कार्य को मेला शुरू होने से पहले पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही महाभारत के श्लोकों के लेखन कार्य को तेजी से पूरा करने और तीर्थ स्थलों के विकास पर भी जोर दिया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड (KDB) के अधीन चल रहे सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए, और इन कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि किसी कार्य में लापरवाही हुई, तो उसे सहन नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री आज कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड के अधीन आने वाले तीर्थ स्थलों के जीर्णोद्वार, नवीनीकरण और सौंदर्यकरण के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस बैठक में मुख्यमंत्री के ओएडी बी बी भारती, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, केडीबी के सदस्य और अन्य अधिकारी शामिल हुए।

ब्रहमसरोवर और ज्योतिसर के कार्य प्राथमिकता पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रहमसरोवर और ज्योतिसर जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों के जीर्णोद्वार और सौंदर्यकरण के कार्यों को मेला शुरू होने से पहले पूरा किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने निर्देश दिया कि अगर किसी कार्य में कोई बदलाव करना हो तो पहले उसकी अनुमति प्राप्त की जाए। विकास कार्यों की ड्राइंग पहले तैयार की जाए और फिर कार्य शुरू किया जाए। साथ ही कार्यों की समय सीमा भी तय की जाए।

also read: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी: हरियाणा-केन्या कृषि सहयोग से…

भौर सैंदा तीर्थ स्थल और मगरमच्छ की समस्या

मुख्यमंत्री ने भौर सैंदा तीर्थ स्थल (पेहवा) के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि यहां पर घाट का निर्माण और दर्शकों के लिए चित्रकारी, पेंटिंग आदि कार्य जल्द शुरू किए जाएं। उन्होंने इस दौरान भौर सैंदा तालाब में मगरमच्छों के निकलने की संवेदनशील समस्या का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच के लिए अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार को जिम्मेदारी दी।

महाभारत श्लोकों का लेखन कार्य और पाण्डु पिण्डारा तीर्थ स्थल

मुख्यमंत्री ने जींद के पाण्डु पिण्डारा तीर्थ स्थल पर किए गए कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने 182 तीर्थ स्थलों पर महाभारत के श्लोकों के लेखन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। यह श्लोकों का लेखन तीर्थ स्थलों की धार्मिक महिमा को बढ़ावा देगा और श्रद्धालुओं को गीता के संदेशों से जोड़ने में मदद करेगा।

मुख्यमंत्री ने केडीबी के विकास कार्यों की समीक्षा के लिए एक और बैठक जल्द ही आयोजित करने की योजना बनाई है, जिसमें सभी कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।

Related posts

दिल्ली में 51 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 322 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की शुरुआत

देहरादून में शैक्षिक भूमि विवाद: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सख्ती के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की

यूपी पंचायत चुनाव से पहले योगी सरकार करेगी OBC आयोग का गठन, हाईकोर्ट में दिया हलफनामा

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More