हरियाणा सरकार ने पिहोवा के ब्रह्मसरोवर का किया जीर्णोद्धार, मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निरीक्षण किया। पिहोवा को विकसित किया जाएगा विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में, प्रवासी पक्षियों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ।
हरियाणा सरकार पिहोवा की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर इसे एक भव्य और दर्शनीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने थाना गांव के प्राचीन ब्रह्मसरोवर का निरीक्षण किया। ब्रह्मसरोवर, जो कि पिहोवा की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान है, के आसपास लगभग 102 एकड़ में फैला तीर्थ स्थल देश-विदेश से आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए भी प्रसिद्ध है।
सरकार इस ऐतिहासिक स्थल का जीर्णोद्धार कर इसे संजोकर भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखें और इसे पर्यटन के लिहाज से विकसित करें ताकि यह पिहोवा को विश्व दर्शनीय तीर्थ स्थल के रूप में स्थापित कर सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में नेशनल हाईवे के निर्माण से हर जिले का बेहतर संपर्क सुनिश्चित हुआ है, जिससे यात्रा समय तीन-चार घंटे तक सीमित हो गया है। साथ ही, पंचायत भूमि पर पिछले 20 वर्षों से रह रहे लोगों को 2004 के कलेक्टर रेट पर 500 गज तक की जमीन उनके नाम करने का कानून लागू किया गया है, जिससे कई विवाद समाप्त हुए हैं। अंग्रेजों के समय से किसानों पर लगे आबियाने को भी प्रदेश सरकार ने पूरी तरह से समाप्त कर दिया है और 133 करोड़ रुपये की राशि माफ की है।
हरियाणा प्रदेश पहली जगह है जहां किसानों की सभी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदा जाता है, जिससे किसान हितों की रक्षा हो रही है।
इस मौके पर पिहोवा के गांव स्योंसर और थाना में कई नई परियोजनाओं की घोषणा की गई, जो पिहोवा को एक प्रमुख तीर्थ नगरी बनाने में मदद करेंगी। इस अवसर पर गांव की सरपंच प्रियंका, भाजपा नेता जय भगवान शर्मा डीडी, भाजपा नेता सुभाष कलसाना और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
सांसद नवीन जिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में प्रदेश के हर क्षेत्र में “सबका साथ, सबका विकास” और “हरियाणा एक, हरियाणवी एक” की नीति के तहत विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं।