राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बड़ा प्रशासनिक एक्शन, 9 थानेदारों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति, एक IAS और कई RAS अधिकारियों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई। जानें पूरी डिटेल।
राजस्थान सरकार ने राज्य में प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक के बाद एक कड़े फैसले लेते हुए 9 थानेदारों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के साथ-साथ एक IAS अधिकारी और कई RAS अधिकारियों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मंजूरी दी है।
इस निर्णय को उच्च स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिशों, विभागीय जांच, कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट और सत्यनिष्ठा के आधार पर लिया गया है, ताकि प्रशासनिक प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
IAS और RAS अधिकारियों पर गिरी गाज
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, भू-आवंटन में गड़बड़ी के एक गंभीर मामले में एक IAS अधिकारी पर अखिल भारतीय सेवा अनुशासन एवं अपील नियम 1969 के नियम 8 के तहत कार्रवाई प्रारंभ की जा रही है। इसके अलावा, कई RAS अधिकारियों पर भी राज्य सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की गई है।
इन स्तरों पर हुई कार्रवाई:
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9 थानेदारों को कार्यशैली, ईमानदारी, कार्य मूल्यांकन और विभागीय जांच के आधार पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई।
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37 लंबित प्रकरणों का निस्तारण करते हुए 55 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
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6 अधिकारियों के विरुद्ध अभियोजन चलाने की स्वीकृति दी गई।
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2 RAS अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 17-A के तहत जांच की अनुमति।
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13 सेवारत अधिकारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि संचयी/असंचयी रूप से रोकी गई।
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5 सेवानिवृत्त अधिकारियों की पेंशन पर रोक लगाई गई, जिनमें से 1 अधिकारी की पेंशन शत-प्रतिशत रोकी गई।
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9 पुराने मामलों में 14 अधिकारियों के खिलाफ प्रमाणित आरोपों की पुष्टि की गई।
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1 अधिकारी की पुनर्विलोकन याचिका को खारिज करते हुए दंड बरकरार रखा गया।
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5 अधिकारियों की अपीलों पर भी निर्णय लिया गया, जिनमें 3 स्वीकार और 2 आंशिक रूप से स्वीकार की गईं।