मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सार्वजनिक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में घटिया सड़क निर्माण और देरी पर कड़ी चेतावनी दी। ठेकेदारों से वसूली और सख्त कार्रवाई के निर्देश, 20 अक्टूबर तक खराब सड़कों की मरम्मत अनिवार्य।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की समीक्षा बैठक में सड़क, बायपास, रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) और रेलवे अंडर ब्रिज (RUB) जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की गुणवत्ता और समय सीमा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएम ने कहा कि घटिया सामग्री का उपयोग या कार्य में अनावश्यक देरी करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। ऐसे ठेकेदारों से संबंधित राशि की वसूली की जाएगी ताकि भविष्य में कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस बैठक में सीएम ने यह भी जोर दिया कि वित्त वर्ष 2025-26 में बड़ी संख्या में सड़क एवं बुनियादी ढांचे की योजनाएं पूरी करनी हैं, जिन्हें समय पर पूरा करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
मानसून के दौरान खराब हुई सड़कों की जांच के लिए सीएम ने ड्रोन सर्वे की भी व्यवस्था करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत 20 अक्टूबर तक पूरी की जानी चाहिए, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सड़क सुरक्षा बनी रहे।
भजनलाल शर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि अनियमितता या काम में ढिलाई को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे वह ठेकेदार हो या अधिकारी, किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनका मकसद प्रदेशवासियों को बेहतर सड़कें और सुगम यातायात सुविधाएं मुहैया कराना है।
इस फैसले से प्रदेश के सड़क निर्माण और रखरखाव के काम में पारदर्शिता और गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है, जिससे जनता को बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।