CM Bhajan Lal Sharma ने की पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा

CM Bhajan Lal Sharma ने की पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा

CM Bhajan Lal Sharma ने पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों का वर्गीकरण करते हुए उच्च प्राथमिकताओं के उन कार्याें को त्वरित निस्तारित करने के निर्देश दिए है जहां पर्यटकों की आवक ज्यादा है और राज्य सरकार के राजस्व में भी वृद्धि अपेक्षित है।
श्री शर्मा गुरूवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को प्रभावी ब्रान्डिंग करते हुए पर्यटन स्थलों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा पर्यटक यहां आए। उन्होंने महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों तथा मेलों उत्सवों की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अधिक से अधिक मार्केटिंग करने पर भी जोर दिया।
CM Bhajan Lal Sharma ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पर्यटन कौशल विकास कार्यक्रम के तहत 2 वर्षों के अन्दर 20 हजार युवाओं एवं लोक-कलाकारों को पारम्परिक कला एंव आतिथ्य संबंधी प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

स्मारकों और पेनोरमा को बनाएं और आकर्षित

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन विभाग के अधिकारी प्रदेश के प्राचीन स्मारकों और पेनोरमा को अधिक आकर्षक बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं गुजरात स्थित स्मारकों का दौरा कर नवाचार एवं आदर्श गतिविधियों का अनुसरण करें। इससे पर्यटकों का ठहराव होगा और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार होगा।

युवाओं में हो विरासत की आदत

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी को राजस्थान की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत से रूबरू कराने के लिए कार्य योजना बनाई जाए। जिला स्तर पर स्कूली विद्यार्थियों को क्षेत्रीय स्मारकों पर नियमित यात्राएं करवाई जाए। उन्होंने राजस्थान पर्यटन विकास निगम की सम्पत्तियों की प्रभावी निगरानी करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बजट में पर्यटन से संबंधित की गई सभी घोषणाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर उन्हें समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जल्द लाएंगे नवीन पर्यटन नीति

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में जल्द ही नवीन पर्यटन नीति लाई जाएगी। इससे राज्य में पर्यटन की गति को बढ़ावा मिलेगा तथा पर्यटन स्थलों पर आधारभूत सुविधाएं विकसित होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य में इको, रूरल, हैरिटेज एवं एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान पर्यटन विकास बोर्ड का गठन भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट, जैसलमेर में फॉसिल पार्क एवं ओपन रॉक्स म्यूजियम, चित्तौडगढ़ और आमेर में लाइट एण्ड साउण्ड शो का उन्नयन, वैर के सफेद महल, प्रताप फुलवारी एवं किले की मरम्मत एवं सौन्दर्यीकरण, रामगढ़ क्रेटर साइट व सांभर झील क्षेत्र को विकसित करने संबंधी कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। साथ ही, उन्होंने प्रस्तावित कृष्ण गमन पथ एवं जयपुर चारदीवारी के हैरिटेज विकास के लिए 100 करोड़ रुपये से संबंधित कार्ययोजना के बारे में विस्तृत चर्चा भी की।
पर्यटन विभाग के शासन सचिव श्री रवि जैन ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बताया कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था में पर्यटन उद्योग का महत्वपूर्ण स्थान है। प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन का 5.6 प्रतिशत हिस्सा है। उन्होंने बताया कि 9 से 11 दिसम्बर तक आयोजित होने वाली राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के अंतर्गत पर्यटन विभाग द्वारा एमओयू हस्ताक्षरित किए गए हैं, जिससे युवाओं के लिए बड़ी तादाद में रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओंकार सिंह लखावत, मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री शिखर अग्रवाल एवं प्रमुख सचिव श्री आलोक गुप्ता सहित संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
source: https://dipr.rajasthan.gov.in

Related posts

उत्तर प्रदेश में निवेशकों को मिलेगी स्किल्ड मैनपावर, ‘कौशल कनेक्ट सेल’ से रोजगार और निवेश को बढ़ावा

मातृ संस्कार समागम के समापन में पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, माता को बताया संस्कारों का निर्माता

दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लॉन्च किया देश का पहला एआई संचालित शिक्षा मॉडल

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More