केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने वर्ष 2026 से 12वीं कक्षा की उत्तर-पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन (On-Screen Marking – OSM) की घोषणा की है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। डिजिटल मूल्यांकन से न केवल मानवीय गलतियों में कमी आएगी, बल्कि परिणाम प्रक्रिया भी तेज होगी और भौतिक परिवहन का खर्च बचेगा।
CBSE के अनुसार, अब 12वीं की उत्तर-पुस्तिकाओं की जांच पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। जबकि 10वीं कक्षा की उत्तर-पुस्तिकाओं का मूल्यांकन फिलहाल पारंपरिक तरीके से किया जाएगा।
ऑन-स्क्रीन मार्किंग की प्रमुख विशेषताएं
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जोड़ने और घटाने में किसी प्रकार की मानवीय गलती नहीं होगी।
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परिणाम प्रक्रिया में तेजी आएगी और अंकों के सत्यापन की अतिरिक्त प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी।
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उत्तर-पुस्तिकाओं का भौतिक परिवहन बचने से समय और लागत की बचत होगी।
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शिक्षक अपने-अपने स्कूल से ही मूल्यांकन कर सकेंगे, जिससे नियमित पढ़ाई बाधित नहीं होगी।
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यह कदम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्कूलों के लिए आवश्यक तकनीकी ढांचा
CBSE ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे OSM के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें:
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पब्लिक स्टैटिक IP वाली कंप्यूटर लैब
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Windows 8 या उससे ऊपर वर्ज़न वाले कंप्यूटर/लैपटॉप, कम से कम 4GB RAM
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अपडेटेड इंटरनेट ब्राउजर और Adobe Reader
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न्यूनतम 2 Mbps इंटरनेट स्पीड
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निरंतर बिजली आपूर्ति
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शिक्षकों और स्कूलों को मिलेगा पूरा सहयोग:
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ओएएसआईएस ID वाले सभी शिक्षक सिस्टम पर लॉग-इन कर अभ्यास कर सकेंगे।
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बोर्ड द्वारा ड्राई रन, प्रशिक्षण सत्र और निर्देशात्मक वीडियो उपलब्ध कराए जाएंगे।
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तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए कॉल सेंटर शुरू किया जाएगा।
CBSE ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2026 की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल तक आयोजित की जाएंगी। 10वीं की परीक्षा को साल में दो बार आयोजित करने की व्यवस्था रहेगी, जबकि दोनों परीक्षाएं एक ही पाठ्यक्रम पर आधारित होंगी।
यह बदलाव CBSE के लिए एक बड़ा सुधार है, जिससे लाखों छात्रों को सटीक और समय पर परिणाम प्राप्त होंगे और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।