क्या प्रेमिका Karwa Chauth पर व्रत रख सकती है? धार्मिक नियमों को जानें

क्या प्रेमिका Karwa Chauth पर व्रत रख सकती है? धार्मिक नियमों को जानें

 विवाहित महिलाएं हर साल Karwa Chauth का व्रत रखती हैं, लेकिन क्या प्रेमिका को शादी से पहले यह व्रत रखना चाहिए?

  • चलिए करवा चौथ व्रत के महत्वपूर्ण नियमों को जानते हैं।

शादीशुदा महिलाओं के लिए Karwa Chauthका व्रत बहुत महत्वपूर्ण है। ये व्रत रखने वाली महिलाएं अपने पति को लंबे समय तक जीवित रखती हैं और खुशहाल वैवाहिक जीवन जीती हैं। पति अपनी पत्नी की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत भी रखते हैं। धार्मिक मत है कि करवा चौथ का व्रत रखने से पति-पत्नी का प्रेम बढ़ता है। साथ ही उनके दाम्पत्य जीवन में खुशी और सुख बनी रहती है। ये व्रत बहुत मुश्किल हैं क्योंकि व्रत के दौरान अन्न और जल खाने की मनाही है। लेकिन शादीशुदा जोड़े अपने जीवनसाथी के लिए ये व्रत रखते हैं।

वर्तमान में शादीशुदा लोगों के अलावा युवा पीढ़ी भी करवा चौथ का व्रत रखती है, लेकिन क्या धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अविवाहित लोगों को ये व्रत रखना चाहिए? चलिए इसी सवाल का जवाब जानते हैं।

क्या एक प्रेमी को व्रत रखना चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एक प्रेमिका शादी से पहले करवा चौथ का व्रत रख सकती है। ये व्रत सिंगल व्यक्ति भी रख सकते हैं। लेकिन अविवाहित लोगों को व्रत के दौरान कुछ विशिष्ट नियमों का पालन करना चाहिए।

शादीशुदा महिलाओं को करवा चौथ के व्रत की सरगी खान के बाद दी जाती है। कुंवारी कन्याओं को सास नहीं , तो वे खुद सरगी खरीदकर सूर्योदय से पहले खा सकती हैं। सरगी खाने के बाद नवीन कपड़े पहनकर व्रत रखने का निश्चय करें। इसके बाद केवल शिव और गणेश की पूजा करें।

विवाहित और अविवाहित लोगों के लिए करवा चौथ के व्रत का पारण करने का तरीका अलग है। चांद की पूजा करने के बाद सुहागन महिलाएं पति के हाथों से पानी पीकर खोलती हैं। वहीं, कुंवारी कन्याएं चांद की जगह छलनी से तारों को देखकर अपना व्रत खोल सकती हैं। तारों को देखने के बाद अविवाहित कन्याओं को अपने हाथों से पानी या मिठाई खाकर ये व्रत खोलना चाहिए।

करवा चौथ का दिन कब है?
वैदिक पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। 20 अक्टूबर को चतुर्थी तिथि प्रातः 06:46 बजे शुरू होती है और अगले दिन सुबह 04:16 बजे समाप्त होती है। इस वर्ष 20 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा, जिसकी तिथि निर्धारित है। देवी-देवताओं की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम में पांच बजे 46 मिनट से सात बजे 09 मिनट तक है, और चांद रात 07:54 बजे निकल सकता है।

विवरण: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और सिर्फ जानकारी के लिए है।

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