एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराया, लेकिन ट्रॉफी लेने को लेकर विवाद हुआ। जानिए ICC के नियम क्या कहते हैं और BCCI ने क्या प्रतिक्रिया दी।
एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराकर अपना 9वां एशिया कप खिताब जीता, लेकिन ट्रॉफी लेने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। भारतीय क्रिकेटरों ने एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) प्रमुख मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से साफ मना कर दिया। इसके बाद मोहसिन नकवी ने ट्रॉफी बाहर भेज दी, जिससे फैंस और क्रिकेट जगत में सवाल उठने लगे कि क्या भारत को अब ट्रॉफी नहीं मिलेगी? आइए जानते हैं ICC के इस मामले में क्या नियम हैं और आगे क्या हो सकता है।
ICC का ट्रॉफी को लेकर नियम क्या है?
ICC की आचार संहिता में कप्तान का ट्रॉफी लेने से मना करना स्पष्ट रूप से उल्लिखित नहीं है, लेकिन यह क्रिकेट की भावना के खिलाफ माना जा सकता है। ICC के अनुसार, अगर कप्तान या टीम प्रतिनिधि ट्रॉफी लेने से इनकार करता है तो उसे इसका उचित कारण बताना होगा। इसके बाद ACC या ICC इस मामले की जांच कर सकते हैं और आवश्यक कार्रवाई कर सकते हैं।
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क्रिकेट की भावना का सम्मान जरूरी
ट्रॉफी जीतना और उसे सम्मानपूर्वक स्वीकार करना क्रिकेट की संस्कृति और भावना का हिस्सा है। किसी भी खिलाड़ी या टीम द्वारा ट्रॉफी लेने से इनकार करना इस भावना का अनादर माना जा सकता है। ICC आचार संहिता इसी भावना की रक्षा करती है।
BCCI का कड़ा विरोध और आगे की रणनीति
BCCI ने साफ कहा है कि वह ऐसे व्यक्ति से ट्रॉफी नहीं लेगा जो भारत के खिलाफ राजनीतिक तनाव और युद्ध की स्थिति बना रहा हो। BCCI सचिव देवाजीत सैकिया ने स्पष्ट किया कि मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेना अस्वीकार्य था, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ट्रॉफी को उनके पास ही रहने दिया जाए। BCCI नवंबर में होने वाली ICC की बैठक में इस मुद्दे पर कड़ा विरोध दर्ज कराएगा।
ट्रॉफी पर भारत का पूरा हक
भारत ने एशिया कप जीतने के लिए कड़ी मेहनत की है और इस ट्रॉफी पर उसका पूर्ण हक है। कोई भी अधिकारी या संगठन ट्रॉफी को अपने कब्जे में नहीं रख सकता। खिलाड़ियों का ट्रॉफी लेने से इनकार करना उनकी भावना और स्थिति को दर्शाता है, लेकिन ट्रॉफी भारत की संपत्ति है और उसे भारत को सौंपना होगा।