मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव के वंदे मातरम् पर बयान पर तीखा पलटवार किया, कहा जो इसका विरोध कर रहे हैं वे भारत माता का विरोध कर रहे हैं। बाराबंकी में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
उत्तर प्रदेश के स्कूलों में अब वंदे मातरम् के गायन पर सियासत गर्मा गई है। जहां एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे स्कूलों में अनिवार्य कर दिया है, वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने इस पर तंज कसा है। सीएम योगी ने अखिलेश यादव के विरोध के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है और उनका तीखा पलटवार किया है।
बाराबंकी में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने कहा, “जो वंदे मातरम् का विरोध कर रहे हैं, वे भारत माता का विरोध कर रहे हैं। इन चेहरों को पहचानो, जो सरकारी योजनाओं में लाभ लेने के लिए सबसे आगे रहते हैं, लेकिन जब ‘वंदे मातरम्’ का गायन होता है, तो कहते हैं कि हम नहीं गाएंगे।”
उन्होंने कहा, “कुछ लोग हैं, जो हिंदुस्तान में खाएंगे, हिंदुस्तान में रहेंगे, लेकिन ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाएंगे, हम उनकी मंशा को समझें। जो लोग ‘वंदे मातरम्’ का विरोध कर रहे हैं, वे दरअसल भारत माता का विरोध कर रहे हैं।”
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बाराबंकी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का तोहफा
सीएम योगी ने बाराबंकी में ₹1,734 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि “बाराबंकी के प्रगतिशील किसानों का मैं अभिनंदन करता हूं। हम रामसनेही घाट के पास 232 एकड़ क्षेत्र में एक औद्योगिक क्षेत्र का विकास करने जा रहे हैं।”
सीएम ने यह भी कहा, “हम जिएंगे तो देश के लिए, मरेंगे तो देश के लिए, और कुछ भी योगदान देंगे तो राष्ट्र पहले होगा। राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता के मार्ग में हमारी व्यक्तिगत दुश्मनी और मित्रता कोई रुकावट नहीं डालनी चाहिए।”
वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ
सीएम योगी ने इस मौके पर कहा, “यह एक संयोग नहीं है, बल्कि यह नया भारत बनाने का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि भारत के राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ ने अपनी रचना के 150वें वर्ष में प्रवेश किया है, और यह महज एक संयोग नहीं है, बल्कि यह भारत की शक्ति और एकता को दर्शाता है।