भाजपा पर AAP नेता कुलदीप सिंह धालीवाल का हमला: सिख मर्यादा का अपमान और साहिबजादों के ‘कार्टून’ पोस्टर से पंजाबियों की भावनाएं आहत

भाजपा पर AAP नेता कुलदीप सिंह धालीवाल का हमला: सिख मर्यादा का अपमान और साहिबजादों के ‘कार्टून’ पोस्टर से पंजाबियों की भावनाएं आहत

AAP पंजाब के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा ने गुरु साहिब और साहिबजादों के ‘कार्टून’ पोस्टर जारी कर सिख मर्यादा का अपमान किया और पंजाबियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई।

आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने सिख मर्यादा का अपमान किया और गुरु साहिब तथा साहिबजादों के ‘कार्टून’ पोस्टर जारी करके पंजाबियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई।

कुलदीप सिंह धालीवाल ने अपने पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा लगातार पंजाब और पंजाबी संस्कृति के प्रति नफरत दिखा रही है। उन्होंने कहा कि इस बार भाजपा ने शर्मनाक हद पार कर दी है। पूरे शहादत सप्ताह के आध्यात्मिक माहौल में, जब दुनिया साहिबजादों की शहादत को श्रद्धांजलि दे रही थी, भाजपा ने गुरु साहिब और साहिबजादों के कार्टून पोस्टर जारी किए।

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सिख परंपरा में गुरुओं को चित्र या कार्टून के माध्यम से दिखाना वर्जित है। धालीवाल ने कहा कि भाजपा के इस कदम ने न केवल सिख धर्म की मर्यादा का उल्लंघन किया है, बल्कि पंजाबियों और सिख समुदाय की भावनाओं को भी गहरा आघात पहुंचाया है। पोस्टर के सामने आने के बाद पंजाब और विदेशों में रहने वाले सिखों में आक्रोश फैल गया है।

कुलदीप सिंह धालीवाल ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और उसके अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के इस अपमानजनक कदम के खिलाफ एसजीपीसी को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन राजनीतिक कारणों से अभी तक कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई।

आम आदमी पार्टी ने भाजपा के इस विवादित और निंदनीय कृत्य की कड़ी निंदा की है। धालीवाल ने मांग की कि भाजपा का केंद्रीय और राज्य नेतृत्व तुरंत सिख समुदाय से सार्वजनिक माफी मांगे। उन्होंने श्री अकाल तक़्त साहिब के जत्थेदार और एसजीपीसी से अपील की कि वे इस मामले का गंभीरता से संज्ञान लें और भाजपा के खिलाफ धार्मिक और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। ताकि भविष्य में कोई भी पार्टी सिख धर्म की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न करे।

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