बाजवा पर पन्नू और कटारूचक का हमला – मेहनतकशों का मजाक उड़ाने वाली कांग्रेस को जनता 2027 में सबक सिखाएगी

बाजवा पर पन्नू और कटारूचक का हमला - मेहनतकशों का मजाक उड़ाने वाली कांग्रेस को जनता 2027 में सबक सिखाएगी

बाजवा की टिप्पणी पर AAP ने जताई कड़ी आपत्ति, दलित समुदाय का अपमान, माफी न मांगी तो होगी कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई।

पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेसी नेता प्रताप सिंह बाजवा द्वारा पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. के बारे में की गई दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक टिप्पणी की आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कड़ी निंदा की है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, वन मंत्री लाल चंद कटारूचक और ‘आप’ पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने संयुक्त रूप से इस टिप्पणी की जोरदार शब्दों में निंदा की है। तीनों नेताओं ने कांग्रेस पार्टी को दलित-विरोधी मानसिकता वाली पार्टी करार देते हुए बाजवा और कांग्रेस को 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की सख्त चेतावनी दी है, अन्यथा सख्त कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई की चेतावनी दी है।

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बाजवा की टिप्पणी को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बयान” बताते हुए कहा कि कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. वह शख्सियत हैं जिन्होंने गरीबी से उठकर मेहनत के बल पर सिविल सर्विस की परीक्षा पास की और पंजाब की अलाइड सर्विस में ई.टी.ओ. बने। समाज सेवा की भावना से उन्होंने नौकरी से इस्तीफा देकर आम आदमी पार्टी का दामन थामा। आम आदमी पार्टी ने उन्हें सम्मान दिया और मंत्री बनाया। लेकिन आज प्रताप सिंह बाजवा ने उनके खिलाफ बेहद अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है, जो पूरे दलित समुदाय का अपमान है।

चीमा ने सीधे शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी दलित-विरोधी पार्टी है। जितने भी दलित मंत्री हैं, वे सभी कांग्रेस के निशाने पर हैं। कभी कोई बहाना बनाते हैं, कभी नाम लेकर, कभी ‘मटीरियल’ कहते हैं और अब ‘बाजे वाले’ कह रहे हैं। इस तरह की भाषा दलितों के खिलाफ इस्तेमाल करना बेहद शर्मनाक है। एक जाति का नाम लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करना उन्हें शोभा नहीं देता।

वित्त मंत्री चीमा ने सख्त लहजे में कहा कि या तो प्रताप सिंह बाजवा और पूरी कांग्रेस पार्टी 24 घंटे के भीतर दलित समाज से माफी मांगे, वरना सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहे। उन्होंने कहा कि यह पंजाब के दलित समुदाय का बहुत बड़ा अपमान है। पंजाब में मेहनत-मशक्कत करके आगे आने वाले बच्चों को हतोत्साहित करने वाली बात है।

चीमा ने आगे कहा कि कांग्रेस के कई नेता बार-बार पंजाब के दलितों और अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों को निशाना बनाकर सार्वजनिक रैलियों में उनका अपमान कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी पहली ऐसी पार्टी है जिसने न गरीब देखा न अमीर, बल्कि समाज में से उन बच्चों को आगे लाया जो सेवा करना चाहते थे। आज पंजाब में 95 विधायक हैं जिनमें से कई विनम्र पृष्ठभूमि और गरीब घरों से आते हैं। उनका जाति के आधार पर अपमान न पंजाब के दलित सहन करेंगे, न देश के दलित। कांग्रेस पार्टी को सबक सिखाया जाएगा।

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वन मंत्री लाल चंद कटारूचक ने बाजवा के बयान की जोरदार निंदा करते हुए कहा कि यह प्रताप सिंह बाजवा की कोई नई टिप्पणी नहीं है। वे समय-समय पर मजदूरों और दलितों में से उभरकर आगे बढ़ रहे नेताओं को निशाना बनाते रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने दलित नेताओं के खिलाफ कई टिप्पणियां की हैं।

कटारूचक ने बाजवा की पुरानी टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि बाजवा तो अपनी ही पार्टी के दलित नेताओं के बारे में कह चुके हैं कि “अरबी घोड़ों की जगह अगर आप देसी टट्टू दौड़ाओगे तो चुनावों में यही हाल होना है।” इससे साफ झलकता है कि कांग्रेस ने कभी भी देश या पंजाब में शीर्ष दलित नेताओं को आगे बढ़ने का उचित अवसर नहीं दिया।

कटारूचक ने एक ऐतिहासिक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर, जिन्हें पूरा देश और खासकर दलित समाज अपने दिल में बसाकर बैठा है, उनके पी.ए. को तोड़कर कांग्रेस ने उसे बाबा साहेब के खिलाफ चुनाव लड़वाया। पूरी कांग्रेस पार्टी उस समय बाबा साहेब के खिलाफ प्रचार करने गई और उन्हें संसद में आने से रोकने के लिए कांग्रेस ने निम्न स्तर तक का काम किया। यह कांग्रेस की दलित-विरोधी मानसिकता का लंबा इतिहास है।

कटारूचक ने बड़े भावुक अंदाज में कहा कि ये लोग कभी किसी को मोबाइल रिपेयर वाला कहते हैं, कभी बैंड-बाजे वाला कहते हैं, हम मेहनतकश लोग हैं। हम लोगों की खुशियों में बाजा बजाकर खुशियां बांटते हैं।

उन्होंने बाजवा को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि आप सामंती मानसिकता से ग्रस्त हैं। आप नहीं चाहते कि मजदूरों में से कोई नेता उभरकर पंजाब की सरजमीं पर आगे बढ़े। उन्होंने गुरु साहिब की बाणी ‘रंगरेटे गुरु के बेटे’ का हवाला देते हुए कहा कि गुरु साहिब के सिद्धांत और परंपरा की शर्म भी नहीं कि गुरुओं ने जिन लोगों को सीने से लगाया, आप उनके खिलाफ ऐसे शब्द बोल रहे हैं।

कटारूचक ने चेतावनी दी कि इस मानसिकता को जितनी जल्दी हो सके त्याग दो, वरना 2027 में जनता आपका खुद बैंड-बाजा बजाएगी। ई.टी.ओ. साहब के पिता ने बाजा बजाया, मेहनत की और अपने बेटे को ई.टी.ओ. बनाया। हो सकता है कि वे आपसे ज्यादा पढ़े-लिखे हों। आप उनकी पढ़ाई की बजाय उनके पेशे का मजाक उड़ा रहे हैं, यह न पंजाब के लोग बर्दाश्त करेंगे, न दलित समाज और न ही पंजाब का कोई जागरूक व्यक्ति।

आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि बाजवा की भद्दी टिप्पणी इस बात की ओर इशारा करती है कि पंजाब कांग्रेस के नेता कितनी बड़ी नफरत दलित समुदाय के प्रति अपने दिमागों में लिए बैठे हैं। वे मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. को ‘बैंड बाजे वाला’ बता रहे हैं। क्या कोई मेहनतकश परिवार मेहनत के बल पर इस पद तक नहीं पहुंच सकता?

पन्नू ने कहा कि कांग्रेस के दिमागों में बस यही भरा हुआ है कि बारी हमारी थी, ‘उतर काटो मैं चढ़ूं’ की सोच से पंजाब को लूटा। अब जब आम घरों के मेहनतकश लोग आगे आ रहे हैं तो इन्हें सबसे ज्यादा तकलीफ हो रही है। किसी को मोबाइल रिपेयर वाला बताते हैं, किसी को बैंड बाजे वाला, किसी को ‘मटीरियल’ बताते हैं।

पन्नू ने बाजवा को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि अपने दिमाग के अंदर भरी हुई नफरत बाहर निकालो और किसी समुदाय पर भद्दी टिप्पणियां मत करो। कानून के मुताबिक भी अगली कार्रवाई के लिए तैयार रहना।

पन्नू ने गर्व से कहा कि हरभजन सिंह ई.टी.ओ. का परिवार मेहनतकश परिवार है। अगर उनके परिवार का किसी समय बैंड बाजे का कारोबार था तो इस बात पर गर्व है कि ऐसे परिवार से उठकर ई.टी.ओ. साहब कैबिनेट मंत्री के पद तक पहुंचे हैं।

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