साक्षरता की ओर बड़ा कदम: ‘उज्‍जवल लिखाई और साक्षरता’ (ULLAS) प्रोजेक्ट ने संभाली कमान

*साक्षरता की ओर बड़ा कदम: ‘उज्‍जवल लिखाई और साक्षरता’ (ULLAS) प्रोजेक्ट ने संभाली कमान*

*टीम ULLAS ने प्रदेश में 100% साक्षरता का लक्ष्य साधा, 21 सितंबर को होगी परीक्षा*

*मोहाली/चंडीगढ़, 16 सितम्बर:*

शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार व सभी राज्यों के सहयोग से चलाए जा रहे “उज्‍जवल लिखाई और साक्षरता” (ULLAS) राष्ट्रीय अभियान के तहत वयस्क अशिक्षित व्यक्तियों को सशक्त बनाने की दिशा में चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने विशेष भूमिका निभाई है। इस अभियान का मकसद अशिक्षित वयस्कों को बुनियादी पढ़ना-लिखना व समझने के कौशल सिखाकर आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे अपनी रोजमर्रा की आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर न रहें।

शिक्षा निदेशक हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़ के नेतृत्व और जीएमएसएसएस सेक्टर-33 की प्रिंसिपल राजबाला के समन्वय में गठित टीम ULLAS इस लक्ष्य को पूरा करने में लगातार मेहनत कर रही है। विभाग द्वारा किए गए व्यापक सर्वेक्षण में 15,305 वयस्क निरक्षरों की पहचान की गई है। इसके लिए 18 सदस्यों की कोर कमेटी बनाई गई है जिसे ‘स्टेट रिसोर्स ग्रुप’ का दर्जा दिया गया है। इसमें रवि जेसवाल, संजय कुमार, जसबीर सैनी, मुकेश सेठी, गुरजंत सिंह, संदीप कुमार, सत्यनारायण, डॉ. प्राची मान, नवीन कौर, कमिनी रावत, ईशा, अनुपमा शर्मा, सिमरनजीत कौर, मीनाक्षी धीमान, मनीका, सुनीता कुलासी और राधिका शामिल हैं। यह टीम प्रत्येक विद्यालय में नियुक्त नोडल अधिकारियों के संपर्क में रहते हुए जमीनी स्तर पर कार्य की निगरानी कर रही है।

विशेष अभियान के तहत सभी शिक्षार्थियों का पंजीकरण ULLAS ऐप पर किया गया है और प्रत्येक निरक्षर को एक वॉलंटरी टीचर के साथ टैग किया गया है। शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर के विद्यालयों में विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित किए हैं, जहां खाली पीरियड्स में शिक्षक वॉलंटियर्स अशिक्षित वयस्कों को पढ़ाते हैं। इसके अलावा समुदायिक स्थानों जैसे पार्क, गुरुद्वारे और सामुदायिक हॉल में भी शिक्षण कार्य जारी है।

ULLAS का पाठ्यक्रम व्यावहारिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसमें मातृभाषा में पढ़ना-लिखना, बुनियादी गणित, डिजिटल साक्षरता और जीवनोपयोगी सामान्य ज्ञान शामिल है। इस पहल के तहत जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस मिशन से जुड़ सकें।

अभियान की अगली बड़ी परीक्षा आगामी रविवार 21 सितम्बर 2025 को होगी। परीक्षा सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक लचीले समय में आयोजित की जाएगी, ताकि कामकाजी वयस्क शिक्षार्थी भी अपनी सुविधा के अनुसार शामिल हो सकें।

शिक्षा विभाग को विश्वास है कि इस अभियान की सफलता से न केवल चंडीगढ़ बल्कि पूरे देश में साक्षरता दर में अभूतपूर्व वृद्धि होगी और निरक्षरता दूर करने का राष्ट्रीय संकल्प साकार होगा।

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