पंजाब ने केंद्र से 250 करोड़ रुपये के मनरेगा फंड तुरंत जारी करने की मांग की

पंजाब ने केंद्र से 250 करोड़ रुपये के मनरेगा फंड तुरंत जारी करने की मांग की

 

 

 

पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने बाढ़ राहत सहायता राशि के तौर पर 1600 करोड़ रुपये जारी करने में देरी का मुद्दा उठाया

 

 

 

कहा, 3000 से अधिक खेल मैदान, 2800 नई आंगनवाड़ी इमारतें राज्य में ग्रामीण विकास को देंगी बढ़ावा

 

 

 

जालंधर, 27 नवंबर : पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने गुरुवार को केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मनरेगा योजना के तहत केंद्र सरकार के पास बकाया 250 करोड़ रुपये तुरंत जारी करने की जोरदार अपील की। केंद्रीय मंत्री के साथ समीक्षा बैठक के बाद जिला प्रशासकीय परिसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए श्री सौंद ने कहा कि मटीरियल कंपोनेंट के तहत रोके गए फंड के कारण पंजाब में इस महत्वपूर्ण ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने में गंभीर बाधा उत्पन्न हुई है।

 

 

 

मजदूरी में समानता की मांग करते हुए कैबिनेट मंत्री ने केंद्रीय मंत्री से मनरेगा के तहत काम करने वाले राज मिस्त्रियों की मजदूरी में संशोधन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हरियाणा में राज मिस्त्री को 400 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं, जबकि पंजाब में राज मिस्त्री को केवल 346 रुपये मजदूरी दी जा रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि महंगाई और मजदूरी दरों में वृद्धि के कारण इतनी कम मजदूरी पर कुशल मिस्त्री मिलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच यह भेदभाव खत्म होना चाहिए।

 

 

 

पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए पंजाब की पहल पर प्रकाश डालते हुए श्री सौंद ने बताया कि राज्य देश में मनरेगा कर्मियों के लिए चेहरे की पहचान (फेस रिकॉग्निशन) और जियो-टैगिंग आधारित हाजिरी प्रणाली शुरू करने वाला पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि यह पायलट प्रोजेक्ट, जो वर्तमान में फतेहगढ़ साहिब में चल रहा है, जल्द ही सभी 23 जिलों में लागू कर दिया जाएगा।

 

 

 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप पिछली सरकारों के दौरान मनरेगा में अनियमितताओं से जुड़े 23 अधिकारियों/कर्मचारियों को निलंबित किया गया है।

 

 

 

उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों से 2 करोड़ रुपये भी वसूल किए गए है। श्री सौंद ने केंद्र सरकार से भारी बारिश से हुए नुकसान की सहायता के रूप में पहले घोषित 1600 करोड़ रुपये के बकाया बाढ़ राहत फंड जारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बार-बार याद दिलाने के बावजूद एक भी रुपया जारी नहीं किया गया, जो भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा पंजाब के साथ सौतेले मां जैसे व्यवहार को दर्शाता है।

 

 

 

 

इससे पहले कैबिनेट मंत्री ने केंद्रीय मंत्री को पंजाब सरकार की चल रही पहलों के बारे में जानकारी दी, जिसमें पूरे राज्य में 3,000 से अधिक खेल मैदानों का निर्माण और 2,800 से अधिक नए आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण शामिल है। उन्होंने दोहराया कि यह प्रोजेक्ट राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास को बड़ा बल देंगे।

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