डॉ. जितेंद्र सिंह : युवा पीढ़ी में निवारक स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता दी जानी चाहिए क्योंकि उनकी भलाई प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के 2047 के “विकसित भारत” के निर्माण पर प्रभाव डालती है

डॉ. सिंह का कहना है कि युवा पीढ़ी में निवारक स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता दी जानी चाहिए क्योंकि उनकी भलाई प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के 2047 के "विकसित भारत" के निर्माण पर प्रभाव डालती है

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को लखनऊ में एसीपी-इंडिया चैप्टर के 9वें वार्षिक सम्मेलन में अमेरिकन कॉलेज ऑफ फिजिशियन द्वारा प्रतिष्ठित ‘प्रतिष्ठित मार्गदर्शक’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया

डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार  भारत आज स्वास्थ्य क्षेत्र में वैश्विक अनुसंधान का नेतृत्व करने में सक्षम है
डॉ. जितेंद्र सिंह :चिकित्सा विज्ञान को आगे बढ़ाने के लिए निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय संगठन के बीच सहयोग की आवश्यकता 

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमन्त्री कार्यालय (पीएमओ), परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को आज लखनऊ में एसीपी इंडिया चैप्टर के 9वें वार्षिक सम्मेलन में अमेरिकन कॉलेज ऑफ फिजिशियन द्वारा प्रतिष्ठित “‘ वर्ष के प्रतिष्ठित मार्गदर्शक (प्रेस्टिजियस  ऑफ द ईयर)” पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

 

केंद्रीय मंत्री ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज स्वास्थ्य क्षेत्र में वैश्विक अनुसंधान का नेतृत्व करने में सक्षम है और चिकित्सा स्वास्थ्य, अनुसंधान और चिकित्सा शिक्षा में इसके असाधारण योगदान के लिए इसे व्यापक रूप से स्वीकार किया जा रहा है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने उन्नत चिकित्सा विज्ञान में निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के बीच सहयोग के महत्व पर बल  दिया।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र की सफलता, जिसे प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा निजी निवेश के लिए खोला गया था, के परिणामस्वरूप कुछ ही महीनों में कई हजार करोड़ का निवेश हुआ और अंतरिक्ष स्टार्टअप्स की संख्या में भारी उछाल आया।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत में गैर-संचारी रोगों में वृद्धि देखी जा रही है, लेकिन संक्रामक रोग भी साथ-साथ बने हुए हैं, जबकि पश्चिमी देश, जो पहले गैर-संचारी रोगों का अधिक सामना करते थे, अब विशेषकर  एड्स और सीओवीआईडी ​​​​महामारी के उद्भव के बाद संक्रामक रोगों का भी सामना कर रहे हैं ।

केंद्रीय मंत्री महोदय ने भारत की लागत प्रभावी अनुसंधान सुविधाओं, विविध चिकित्सा स्थितियों और पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान का लाभ उठाते हुए भारत और अमेरिका के बीच सहयोग की सम्भावना पर भी  बल  दिया।

 

डॉ. जितेंद्र सिंह ने युवा पीढ़ी में निवारक स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता दी ताकि परिहार्य रुग्णता (अवॉयडेबल मोर्बिटी) की बलिवेदी पर उनके अपव्यय के  स्थान पर वे  राष्ट्र निर्माण के कार्य में अपनी ऊर्जा और क्षमता को समर्पित कर सकें। उनके स्वास्थ्य और खुशहाली का प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के 2047 के “विकसित भारत’ के निर्माण पर बहुत प्रभाव पड़ेगा।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में अंतरिक्ष जैसे अन्य क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुक्ला के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के अभियान में अपने अमेरिकी और अन्य समकक्षों के साथ शामिल होने का उल्लेख भी  किया।

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